Punyata logoपुण्यता — तीर्थ गुरु पुष्करराज से मासिक सेवापुण्यता
Punyata logoपुण्यता — तीर्थ गुरु पुष्करराज से मासिक सेवापुण्यता:
Pushkar Brahma temple
Tirth Guru Pushkarraj
Jahan har sankalp shuru hota hai
पुण्यता — About Us

भारत का पुण्य बैंक

भारत का पुण्य साथी

अब भारत करेगा पुण्यता।

हमारा मिशन

शहरों की व्यस्त ज़िंदगी में — office, बच्चों की पढ़ाई, ट्रैफ़िक, यात्रा — हर परिवार अपने धार्मिक कर्तव्यों से धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है। तीर्थ स्थल दूर हैं, समय कम है, और पंडित जी का शुल्क अलग।

पुण्यता इसी खाई को भरने के लिए बना है। हम तीर्थ गुरु पुष्करराज में बैठे हुए विद्वान आचार्यों के साथ मिलकर — आपके नाम, आपके गोत्र, आपके संकल्प से — सुंदरकांड, हवन, आरती, दान-पुण्य एवं साधु संतों को भोजन सम्पन्न करवाते हैं।

"हम आपकी ज़िम्मेदारी नहीं लेते — हम उसे आपकी ओर से निभाते हैं।"

पुण्य क्यों ज़रूरी है

श्रीरामचरितमानस

कलिजुग केवल हरि गुन गाहा। गावत नर पावहिं भव थाहा॥

कलियुग में केवल भगवान श्रीहरि के गुण गान से ही मनुष्य भवसागर से पार हो जाता है।

श्रीमद्भगवद्गीता 17.20

दातव्यमिति यद्दानं दीयतेऽनुपकारिणे। देशे काले च पात्रे च तद्दानं सात्त्विकं स्मृतम्॥

योग्य पात्र को, उचित स्थान और समय पर, बिना प्रत्युपकार की आशा से दिया गया दान 'सात्त्विक दान' कहलाता है।

शास्त्र वचन

दानेन तुल्यं सुकृतं न कच्चित।

दान के समान कोई पुण्य नहीं है — यह पुण्य आत्मा के साथ आगे भी चलता है।

"यह पुण्य केवल इस जन्म तक सीमित नहीं — शास्त्रों के अनुसार यह आत्मा के साथ आगे भी चलता है।"

हम क्या करते हैं

Aarti
Hawan
Pooja
Chadava
Daan
Sewa

तीर्थ गुरु पुष्करराज

तीर्थ गुरु पुष्करराज
पुष्कर, राजस्थान — 305022

पुष्कर को समस्त तीर्थों का गुरु — तीर्थ गुरु — कहा गया है। यहाँ ब्रह्मा जी का एकमात्र प्रमुख मंदिर है, और यहाँ किया गया दान-पुण्य शास्त्रों में विशेष रूप से फलदायी माना गया है। इसीलिए पुण्यता की हर सेवा यहीं से आरंभ होती है।

पारदर्शिता का वादा

"हर सेवा का प्रमाण — कोई खोखला वादा नहीं।" प्रत्येक अनुष्ठान का Live या Video Proof सीधे आपके WhatsApp पर भेजा जाता है — जिसमें आपका नाम एवं गोत्र स्पष्ट रूप से बोला जाता है।

100% WhatsApp Video Proof
आपकी सेवा राशि कहाँ जाती है

पुण्यता एक संगठित सेवा है, और किसी भी संगठन को चलते रहने के लिए आत्मनिर्भर होना पड़ता है। यहाँ पहले सेवा आती है, फिर उसे हर महीने बिना रुके चलाते रहने का प्रबंध — और आपका दिया हुआ पैसा कहाँ-कहाँ जाता है, यह जानने का पूरा हक आपका है।

बड़ा हिस्सा — सीधे दान-पुण्य में

गौ-माता का चारा, वानरों के फल, साधु संतों का भोजन, तथा हवन एवं अनुष्ठान की सामग्री।

शेष हिस्सा — पुण्यता को चलाने में

आचार्य एवं पंडित जी की टीम की दक्षिणा; हर सेवा की वीडियो रिकॉर्डिंग एवं एडिटिंग करने वाली टीम; पुष्कर का ऑफिस एवं वहाँ की व्यवस्था; तथा app, website, payment एवं WhatsApp पर प्रमाण पहुँचाने का तकनीकी खर्च।

इसके साथ वह पूरी टीम भी — मैनेजर एवं समन्वयक जो हर महीने संकल्प सूची तैयार करते हैं, सेवाओं का शेड्यूल संभालते हैं, प्रमाण जाँचकर हर परिवार तक भेजते हैं, और आपके प्रश्नों का उत्तर देते हैं। यही लोग हैं जिनकी वजह से हर सेवा समय पर और बिना चूक के पूरी होती है।

यही संतुलन है जिसकी वजह से जो सेवा सामान्यतः हज़ारों में पड़ती है, वह आप तक मात्र ₹251 में पहुँच पाती है — और हर महीने पहुँचती रहती है।

संख्या में पुण्यता

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परिवार जुड़े
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सेवाएँ सम्पन्न
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Video Proof Delivery
अब भारत करेगा पुण्यता।
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